किसान टोल प्लाजा पर धरने पर बैठ गए हैं और आम जनता के वाहनों को बिना टोल टैक्स दिए गुजरने दिया जा रहा है। किसानों का यह विरोध मुख्य रूप से सरकार की ओर से लाई जा रही ‘लैंड पूलिंग नीति’ के खिलाफ है। इसके अलावा, जमीन गिरवी रखने और लैंड मॉर्गेज बैंक से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामलों में भी किसान लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे हैं।
किसानों का यह भी कहना है कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता कृषि क्षेत्र और स्थानीय किसानों के हितों के खिलाफ हो सकता है। इन्हीं मुद्दों को लेकर आज पंजाब के विभिन्न टोल प्लाजा पर किसानों ने बैठकें कीं और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।


‘उपजाऊ जमीन कॉर्पोरेट घरानों को सौंपने की साजिश’
इस बड़े प्रदर्शन की रूपरेखा पहले ही तैयार कर ली गई थी। गैर-राजनीतिक संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम गैर-राजनीतिक) के राष्ट्रीय संयोजक और भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) के अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल ने ऐलान किया था कि 14 जुलाई को पंजाब के सभी टोल प्लाजा को जनता के लिए टोल फ्री कर दिया जाएगा।
डल्लेवाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पंजाब की उपजाऊ कृषि भूमि को हासिल कर बड़े कॉर्पोरेट घरानों को सौंपने की कोशिश की जा रही है। लैंड पूलिंग नीति इसी दिशा में उठाया गया कदम है, जिसे किसान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।
लाडोवाल टोल पर भारी भीड़, आम लोगों को मिली राहत
लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा पर बड़ी संख्या में किसान एकत्र हुए हैं। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों से टोल टैक्स नहीं लिया जा रहा है, जिससे उन्हें राहत मिल रही है। किसान नेताओं ने कहा है कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा, लेकिन शाम 4 बजे तक किसी भी टोल कंपनी को टैक्स वसूलने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने इसे अपनी जमीन और अस्तित्व बचाने की निर्णायक लड़ाई बताया है।
