अमृतसर:** अमृतसर के मजीठा थाने में हुई बेहद हैरान करने वाली और हिंसक घटना को लेकर पंजाब पुलिस अब आर-पार के मूड में नजर आ रही है। कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाले उपद्रवियों और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शने के मूड में प्रशासन नहीं है, जिसके चलते पुलिस विभाग द्वारा **12 विशेष जांच टीमों (Special Teams)** का गठन किया गया है। ये हाई-टेक और मुस्तैद टीमें पंजाब के कोने-कोने, संदिग्ध ठिकानों और आरोपियों के संभावित छिपने वाले ठिकानों पर दिन-रात लगातार छापेमारी कर रही हैं।
पूरा मामला बीते दिन का है जब शिरोमणि अकाली दल के कद्दावर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अकाली समर्थक और कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर मजीठा थाने के बाहर प्रदर्शन करने जुटे थे। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और वहां मौजूद भीड़ बेकाबू हो गई। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने न केवल पुलिस बल के साथ धक्का-मुक्की की और थाने का घेराव किया, बल्कि बेहद दुस्साहसिक कदम उठाते हुए पुलिस हिरासत में बंद एक संगीन मामले के आरोपी को जबरन लॉकअप से छुड़वाकर अपने साथ ले गए। सरेआम कानून को ठेंगा दिखाने की इस वारदात के बाद से ही आला अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि सरकारी काम में बाधा डालने और खाकी की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले हर एक चेहरे को बेनकाब किया जाएगा। थाने और उसके आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है और दर्ज एफआईआर (FIR) के आधार पर दंगाइयों की शिनाख्त की जा रही है। पुलिस का दावा है कि टीमें बेहद करीब हैं और बहुत जल्द इस मामले के मुख्य साजिशकर्ताओं और आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे धकेल दिया जाएगा। क्षेत्र में दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो, इसके लिए भारी पुलिस बल तैनात है।
