ED के सामने पेश हुए जालंधर सेंट्रल के MLA रमन अरोड़ा, PMLA के तहत दर्ज हुआ बयान

जालंधर सेंट्रल के विधायक रमन अरोड़ा ED दफ्तर में पेश होने के लिए जाते हुए।
जालंधर जालंधर से आम आदमी पार्टी के विधायक रमन अरोड़ा मंगलवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए ईडी दफ्तर में पेश हुए। उन्हें ईडी की ओर से समन जारी किया गया था। सफेद कुर्ता-पायजामा पहने रमन अरोड़ा के दफ्तर पहुंचने की वीडियो भी सामने आई है। दफ्तर में प्रवेश के दौरान उनका सामान जमा करवाया गया, जिसके बाद उन्हें अंदर भेजा गया। जानकारी के अनुसार, यह जांच आय से अधिक संपत्ति के एक मामले से जुड़ी है, जिसमें उन्हें पहले पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने गिरफ्तार भी किया था।

रमन अरोड़ा जालंधर सेंट्रल से विधायक हैं। उन पर दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों से वसूली करने के आरोप भी लगे हैं। पंजाब विजिलेंस की ओर से विधायक के खिलाफ दर्ज FIR को आधार बनाकर ED ने मनी लांड्रिंग को लेकर जांच शुरू की है।

ED दफ्तर में पेश होने से पहले अपना सामान जमा करवाते विधायक रमन अरोड़ा।
ED दफ्तर में पेश होने से पहले अपना सामान जमा करवाते विधायक रमन अरोड़ा।

पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा

गौरतलब है कि विजिलेंस ब्यूरो ने उनके खिलाफ 1.10 करोड़ रुपए की संपत्ति का मामला दर्ज किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था। आरोप है कि रमन अरोड़ा ने असिस्टेंट टाउन प्लानर (ATP) सुखदेव वशिष्ठ के साथ मिलकर अवैध नोटिस जारी किए।

इन नोटिसों के जरिए बिल्डिंग मालिकों को सीलिंग और तोड़फोड़ की धमकी दी जाती थी, और मामलों को निपटाने या वापस लेने के बदले में कथित रूप से पैसों की मांग की जाती थी।

2 जून को ED दफ्तर में पहुंचने के लिए कहा था

अधिकारियों ने बताया कि उन्हें 2 जून को जालंधर स्थित ED दफ्तर में पेश होने के लिए कहा गया था, जिसके बाद धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज किया जाना था। अधिकारियों के अनुसार, विधायक अरोड़ा के खिलाफ जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने भी पिछले साल 23 अगस्त को अवैध वसूली का एक मामला दर्ज किया था। बाद में 22 सितंबर को जिला कोर्ट से उन्होंने जमानत ले ली थी।

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