रमन अरोड़ा जालंधर सेंट्रल से विधायक हैं। उन पर दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों से वसूली करने के आरोप भी लगे हैं। पंजाब विजिलेंस की ओर से विधायक के खिलाफ दर्ज FIR को आधार बनाकर ED ने मनी लांड्रिंग को लेकर जांच शुरू की है।

पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा
गौरतलब है कि विजिलेंस ब्यूरो ने उनके खिलाफ 1.10 करोड़ रुपए की संपत्ति का मामला दर्ज किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था। आरोप है कि रमन अरोड़ा ने असिस्टेंट टाउन प्लानर (ATP) सुखदेव वशिष्ठ के साथ मिलकर अवैध नोटिस जारी किए।
इन नोटिसों के जरिए बिल्डिंग मालिकों को सीलिंग और तोड़फोड़ की धमकी दी जाती थी, और मामलों को निपटाने या वापस लेने के बदले में कथित रूप से पैसों की मांग की जाती थी।
2 जून को ED दफ्तर में पहुंचने के लिए कहा था
अधिकारियों ने बताया कि उन्हें 2 जून को जालंधर स्थित ED दफ्तर में पेश होने के लिए कहा गया था, जिसके बाद धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज किया जाना था। अधिकारियों के अनुसार, विधायक अरोड़ा के खिलाफ जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने भी पिछले साल 23 अगस्त को अवैध वसूली का एक मामला दर्ज किया था। बाद में 22 सितंबर को जिला कोर्ट से उन्होंने जमानत ले ली थी।
